ससम्माननीय प्रदेश का चौथा स्तम्भ आप
ससम्माननीय प्रदेश का चौथा स्तम्भ आप दीनदुखियों की आवाज हो जहाँ शाशन,प्रशाशन अकर्मण्य हो जाये किसी मजलूम के साथ ज्यादिती हो तो एक मीडिया ही उस मजलूम का सहारा है
ऐसे कंडीशन में जहाँ लोक अपवाद का शाशन,प्रशाशन पर कोई उत्तर ना हो वहां स्वाभविक सी बात है की कहीं ना कही इस मुद्दे पर प्रशाशन कटघरे में खड़ा हो रहा है
इसी लिये कृपया कर इस मुद्दे पर बारीकी से समीक्षा कर प्रशाशन से जवाव मांगें
1. क्या किसी किसान की बेरहमी से मारपीट करना उचित है
2.क्या 70 वर्ष का कब्जाधारी किसान को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाइये
3. क्या उस किसान को क्रिमिनल की भातिं जेल में डालना उचित था
4. क्या निर्माण कंपनी को पुलिस प्रशाशन से सुरक्षा दिये जाने का कोई प्रोविजन है
5. क्या प्रशाशन हर निर्माण कंपनी को सुरक्षा मुहैया करायेगीhttp://bhindmalkhan.blogspot.com/2016/09/blog-post_25.html
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